झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के सभागार में सोमवार को विद्या परिषद की बैठक हुई। जिसमें यूजी-पीजी के 11 पाठ्यक्रमों में हुए संशोधन की बीओएस (बोर्ड ऑफ स्टडीज) पर मुहर लगी। स्वयं पाठ्यक्रमों के संबंध में समिति गठित की गई।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद में आठ बिंदुओं पर चर्चा हुई। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया विद्या परिषद में पवन कुमार को सोशल वर्क में शोध उपाधि अवाॅर्ड करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। सूत्रों का कहना है कि बर्खास्त डॉ. नईम के खिलाफ पवन ने ही शोषण एवं उत्पीड़न की शिकायत की थी, जबकि वह उसके गाइड नियुक्त किए गए थे। यह मामला सोमवार को चर्चा का केंद्र रहा।
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा, ललितकला, बैंकिंग अर्थशास्त्र एवं वित्त, गणितीय विज्ञान एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग और बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम समिति की संस्तुतियों को अनुमोदित किया गया। इसके अलावा यूजी-पीजी विद्यार्थियों के लिए स्वयं पाठ्यक्रम से संबंधित विद्यार्थियों को वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध कराने एवं अर्जित क्रेडिट को विद्यार्थियों के अभिलेख एवं अंकपत्र में शामिल किए जाने के लिए समिति गठित पर सहमति बनी।
– एक वर्षीय एलएलएम में हुईं 40 सीटें
बीयू के विधि विभाग में शुरू हुए एक वर्षीय एलएलएम में 14 सीटों पर दाखिले हुए हैं। इस पाठ्यक्रम की सीट बढ़ाकर 40 करने का प्रस्ताव रखा गया, जो मंजूर कर लिया गया है।
