बसपा सुप्रीमो मायावती ने श्रमिक समाज को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देशभर में महिला और पुरुष मजदूरों व श्रमिक समाज की हालत में कोई अपेक्षित सुधार अब तक देखने को नहीं मिला है। ऐसे में ’मजदूर दिवस’ के महत्व को आज भी नकारा नहीं जा सकता है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देश निर्माण में मजदूरों एवं मेहनतकश समाज के लोगों के योगदान को देखते हुए बाबा साहेब ने इन सबके लिए खुश व खुशहाल जीवन की गारंटी सुनिश्चित करने का प्रयास किया था। लेकिन, आउटसोर्सिंग, दैनिक वेतन भोगी तथा हायर एंड फायर की प्रथा से इन सबके सामने रोजगार अनिश्चितताओं का दौर है। इससे उनके परिवार को पालन-पोषण ही नहीं, बल्कि उसकी शिक्षा-दीक्षा, स्वास्थ्य आदि पर भी बुरा प्रभाव पड़ता दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास की चाह में मजदूरों का भविष्य ही नहीं, बल्कि उनके परिवार का जीवन भी दांव पर लगा है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण न मिल पाना भी चिंता का विषय है। मायावती ने मांग की कि देश के विकास में मजदूर वर्ग की उचित भागीदारी सुनिश्चित हो। बसपा का संघर्ष ऐसे मेहनतकश बहुजनों के हक के लिए ही समर्पित है, और रहेगा।
