मेरी बेटी इसी विद्यालय में पढ़ती है। मैं प्राइवेट ड्राइवर हूं और निजी स्कूल की फीस नहीं दे सकता। सरकार से गुहार है कि विद्यालय को बचाया जाए। -सिकंदर

मैं निजी नौकरी करता हूं। बड़ी मुश्किल से परिवार का खर्च चलता है। मेरी बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती है। यहां फीस नहीं देनी पड़ती और पढ़ाई भी अच्छी होती है। विद्यालय बंद हुआ तो परेशानी बढ़ जाएगी। -संदीप

मेरी दो भतीजियां यहां पढ़ती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उन्हें निजी स्कूल में पढ़ाया जा सके। 90 साल पुराने विद्यालय में जिस तरह कब्जा किया गया, उससे मैं हैरान हूं। -विवेक द्विवेदी

विद्यालय को बंद नहीं किया जाना चाहिए। जिस तरह यह कार्रवाई हुई है, वह गलत है। विद्यालय को बचाने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। -रीता गुप्ता

जब देश गुलाम था तब ये स्कूल खोला गया था। सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात कर रही है। दूसरी ओर इस तरह से विद्यालय बंद किए जा रहे हैं। बेटियों का विद्यालय है, इसे बंद करना उचित नहीं है। गुंडों पर सरकार को नियंत्रण करना चाहिए। -रविदास मेहरोत्रा, सपा विधायक

इंटरमीडिएट एक्ट के तहत जो भी प्रावधान हैं उसके तहत विद्यालय बचाया जाएगा। कोई भी मान्यता प्राप्त विद्यालय न बेचा जा सकता है न ही उसे बंद किया जा सकता है। -डॉ. प्रदीप कुमार, जेडी, माध्यमिक लखनऊ मंडल

एक चलते हुए विद्यालय को बर्बाद करने की साजिश है। इसे हम सफल नहीं होने देंगे। -आशीष कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री माध्यमिक शिक्षा संगठन पांडेय गुट

विद्यालय को कब्जाने की जिस तरह से तेजी दिखाई गई, उसमें सिस्टम की भूमिका संदिग्ध है। विद्यालय बंद नहीं होने दिया जाएगा। -सोहन लाल वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट



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