हमीरपुर हादसे के अगले दिन कुरारा में घटनास्थल पर वीरानगी छायी रही। काम पूरी तरह बंद रहा। वहीं, पुल निर्माण में लगी मशीनें जमींदोज रहीं। कुछ मछुआरे बेतवा नदी में जरूर दिखे। सुबह मशीन चालक, कर्मचारी और अन्य स्टाफ आया, तो साथियों की नामौजूदगी का दर्द उनके चेहरे पर चस्पा रहा।

औंधे पड़े घड़े, हेलमेट, जूते, कपड़े, रस्सियां, सिलिंडर तबाही बयां करती दिखीं। पुल के टूटे हिस्से का मलबा जस का तस पड़ा दिखा। मुड़ी हुईं सरिया खौफनाक हादसे की गवाही दे रही थीं। फिलहाल पुल के आसपास आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। नदी के बीच बने पुल के दोनों ओर गड्ढे खोद दिए गए हैं।




Hamirpur Betwa Tragedy overturned water pots  hold no thirst machinery lies flattened laborers stand helpless

Hamirpur Betwa Bridge Tragedy
– फोटो : amar ujala


आंधी में रोक देना था काम: मजदूर

मौके पर मौजूद मजदूर रफीक ने कहा कि वह छुट्टी पर था। अगर ड्यूटी पर होता तो शायद वह भी नहीं बचता। उसने बताया कि आंधी में ठेकेदार को काम बंद करा देना चाहिए था। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ और लाशें बिछ गईं। निष्पक्ष जांच जरूरी है तभी सच सामने आएगा।


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सुरक्षा गार्ड ने लगाया आरोप, मजदूरों से कराया जाता था जबरन काम

घटना के समय मौजूद रहे सुरक्षा गार्ड अवध पाल ने आरोप लगाया कि कि मजदूरों से जबरन काम कराया जाता था। चेतावनी के बाद भी जिम्मेदारों ने काम बंद नहीं कराया। ड्रेस के बारे में कहा कि यहां सुरक्षा गार्ड के लिए ड्रेस नहीं जरूरी है। वह कुर्ता-पायजामा पहनकर ही ड्यूटी करते हैँ।


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आरोप: गुणवत्ता जांच की जानकारी नहीं दी जाती थी

हादसे में बचे गार्ड अवधपाल ने निर्माण कार्य को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह लंबे समय से साइट पर तैनात थे और उनके सामने ही काम चलता रहा। उन्होंने दावा किया कि बेतवा नदी से निकाली गई रेत का इस्तेमाल निर्माण में किया जा रहा था। अवधपाल के अनुसार मजदूरों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच की कोई जानकारी नहीं दी जाती थी। उन्होंने मांग की कि रेत, सीमेंट और अन्य सामग्री की स्वतंत्र तकनीकी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।


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आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई

गार्ड ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में तेजी के दबाव में काम कराया जा रहा था। उनके अनुसार इंजीनियर राजू और पवन समय से पहले काम पूरा कराने में लगे थे और खराब मौसम के बावजूद निर्माण जारी रहा। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह जांच का विषय है।




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