उरई जिले के कोटरा कस्बे में शुक्रवार की सुबह सूरज तो रोज की तरह निकला, लेकिन तीन घरों में अंधेरा छोड़ गया। जिन बेटों के लौटने का इंतजार मांएं रातभर करती रहीं, उनकी मौत की खबर घर पहुंची। देखते ही देखते खुशियों से भरे आंगन चीख-पुकार से गूंज उठे। मुहर्रम का जलसा देखने गए तीन युवक घर तो लौटे, लेकिन कफन में लिपटकर।
एट से ताजिया और छड़ देखकर लौट रहे अरबाज शाह, सोराब खान और बरकत शाह उर्फ अनीस को क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। रात करीब दो बजे कोटरा पहुंचने से कुछ ही पहले तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को रौंद दिया। सड़क पर बिखरे खून के निशान और टूटी बाइक इस बात की गवाही दे रहे थे कि मौत कितनी बेरहमी से आई थी।
