मौसम में बदलाव के चलते गले में संक्रमण के मरीज तेजी बढ़े हैं। गले में संक्रमण से बुखार-खांसी, नाक-कान में खुजली और कमजोरी की शिकायत मिल रही है। मौसम में बदलाव के कारण अस्थमा-सांस और एलर्जी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।

मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि सप्ताह भर में मौसम में तेजी से बदलाव हुआ है। इससे वायरल बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। इसमें कमजोरी, थकान, सिर भारीपन की दिक्कत मिल रही है। अस्थमा-सांस के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है। ऐसे में इनको दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी बताया जा रहा है।

ईएनटी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रीतू गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते गले में संक्रमण के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। इनको एलर्जी से कान-आंख और नाक में खुजली हो रही है। नाक बहने के साथ, बार-बार छींक आने, गले में सूजन की दिक्कत भी है। गले में खराश होने के साथ भोजन निगलने में दर्द हो रहा है। 7-10 मरीजों के टॉन्सिल भी फूले मिल रहे हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

धूल-धुआं और प्रदूषित स्थानों पर जाने से बचें।

ठंडी सामग्री, बाहर के भोजन से खाने-पीने से बचें।

गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करें।

सुबह-शाम भाप लें, अस्थमा मरीज दवाएं एडजस्ट कराएं।

ठसाठस भरा हॉल, पहुंचे 3947 मरीज

एसएन में सोमवार को मरीजों से हॉल ठसाठस भर गया। 3947 मरीज इलाज कराने के लिए आए। सबसे ज्यादा 828 मेडिसिन में, 365 त्वचा रोग, 362 हड्डी रोग और 270 मरीज सांस रोग में आए। इसमें पर्चे-दवा के लिए धक्कामुक्की, मारामारी झेलनी पड़ी।



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