आगरा के पार्वती घाट पर नहाने आए भाई-बहनों की मदद करने सबसे पहले वहां दुकान चलाने वाले गोताखोर बबलू अपने साथी टीटू के साथ पहुंचेे थे। उन्होंने ही दो लड़कियों को तत्काल बचा लिया। इसके बाद डूबे चार लोगों की तलाश में जुट गए। हादसे के बाद उनका कहना था कि कुछ पलों का अफसोस जिंदगीभर रहेगा। अगर वह मदद की गुहार लगा रहे किशोर को पहले ही देख लेेते तो सभी को बचा लेते।

गीता नगर, बल्केश्वर निवासी बबलू ने बताया कि वह घाट पर बनी अपनी दुकान पर बैठे हुए थे। तभी यमुना की तलहटी में जहां पानी नहीं था, वहां पर एक किशोर नजर आया। वह हाथ हिलाकर मदद की गुहार लगा रहा था। यह देखकर वो दाैड़ पड़े। एक नाव को चलाकर ले गए। इसके बाद किशोर से बात की। उसने बताया कि उसके भाई और बहन डूब गए हैं। उन्हें बचा लो। वो अपने साथी टीटू के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटना वाली जगह पानी अधिक था। नहाने उतरे भाई बहन गड्ढे में फंस गए थे। वह किसी तरह पानी में उतर गए। 5-6 गोते लगाए। तभी एक युवती को बाहर लेकर आए। उसके किनारे पर लाकर लिटा दिया। पेट दबाकर पानी निकाला। कुछ देर बाद दो और लड़कियों को बाहर निकाल लाए। वह डूबे हुए लोगों की तलाश करते रहे। साथी टीटू भी दो लोगों को बाहर निकाल लाए। उनकी जान बच गई। चाैथा बालक पांच घंटे बाद बाहर निकल सका।

 




Diver Bablu Saved Two Lives in Yamuna Tragedy, Regrets Not Reaching Earlier

यमुना
– फोटो : अमर उजाला


खनन की वजह से हो गए गड्ढे

बबलू ने बताया कि अक्सर लोग कम पानी देखकर नहाने के लिए आ जाते हैं। मगर यमुना में कई जगह पर गहरे गड्ढे हैं। 10 साल पहले यमुना में बुलडोजर से खनन हुआ करता था। इस वजह से गड्ढे हो गए हैं। लोग जब नहाने के लिए यमुना में आते हैं, तो गड्ढों का अंदाजा नहीं रहता है। गहरे पानी में लोग डूब जाते हैं।

 


Diver Bablu Saved Two Lives in Yamuna Tragedy, Regrets Not Reaching Earlier

बबलू
– फोटो : अमर उजाला


पिछले साल यमुना में आई थी बाढ़

यमुना में पिछले साल बाढ़ आई थी। यमुना किनारे के घरों तक पानी पहुंच गया था, जिस स्थान पर डूबने की घटना हुई, वहां पर महालक्ष्मी मंदिर भी है। यमुना में बाढ़ की वजह से मंदिर की एक तरफ की दीवार गिर गई थी। लोगों की जान बच गई थी। गोताखोर बबलू ने बताया कि यमुना में बाढ़ आने पर दोनों किनारों तक पानी रहता है। मई और जून में पानी कम होने की वजह से एक हिस्से में ही पानी रहता है। बाकी हिस्सा खाली हो जाता है। इस वजह से लोग यमुना के अंदर तलहटी तक आ जाते हैं। वह गहरे पानी में नहाने के लिए चले आते हैं।

 


Diver Bablu Saved Two Lives in Yamuna Tragedy, Regrets Not Reaching Earlier

यमुना घाट पर लगी भीड़
– फोटो : अमर उजाला


25 साल में बचा चुके हैं 200 जिंदगियां

बबलू ने बताया कि वह 25 साल से घाट पर ही रह रहे हैं। वह गोताखोर होने के कारण लोगों की मदद करते हैं। अब तक 200 से अधिक की जान बचा चुके हैं। कई बार देर से जानकारी मिलने के कारण लोग नहीं बच पाते हैं। वह किसी से कुछ पैसा भी नहीं लेते हैं। कहीं पर भी डूबने की घटना होने पर उन्हें पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी बुला लेते हैं।

 


Diver Bablu Saved Two Lives in Yamuna Tragedy, Regrets Not Reaching Earlier

यमुना में चलती सर्च
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


गड्ढों में उग आए हैं बबूल, जमा है कीचड़

बबलू ने बताया कि यमुना में कई जगह पर गड्ढों की वजह से गहराई अधिक है। जहां बच्चे डूबे, वहां गहराई 15 से 20 फीट तक है। उसमें बबूल उग आए हैं। कीचड़ और दलदल जमा है। इस कारण जब कोई गड्ढों में नहाने जाते हैं तो फंस जाता है।




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *