मुरादाबाद में जल्द ही नए मंडलायुक्त की तैनाती की जाएगी। यहां तैनात रहे सिक्किम काडर के आईएएस अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति की अवधि नहीं बढ़ाई गई है। पहले ये माना जा रहा था कि उन्हें यूपी में काम करने के लिए एक मौका और दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि उच्च स्तर से यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ, इसलिए उनका अपने मूल काडर सिक्किम में लौटना तय है।
आंजनेय 2005 बैच के आईएएस अफसर है, उन्हें 15 फरवरी 2015 को यूपी में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती मिली थी। इसके बाद से लगातार विस्तार मिलता रहा। उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि इसी माह 14 अगस्त को समाप्त हुई। इसके बाद वह लंबी छुट्टी पर चले गए। पहले यह माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव के चलते उन्हें एक विस्तार और मिल सकता है, लेकिन सहमति नहीं बन पाई है।
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सूत्रों का कहना है कि आंजनेय ने मुरादाबाद मंडलायुक्त के पद पर रहते हुए रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को गिराए जाने के रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसको लेकर भी नाराजगी बताई जा रही थी। हालांकि, मो. आजम खां के खिलाफ कार्रवाई उनके रामपुर का डीएम और मुरादाबाद का मंडलायुक्त रहते हुए हुई।
मैंने कमिश्नर के रूप में सर्वाधिक केस निपटाए : आंजनेय
आंजनेय ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने साढ़े पांच साल के कमिश्नर के कार्यकाल में 9 हजार अधिक केस निपटाए। इस वर्ष जून में अवकाश रहने के बावजूद 250 केस और जुलाई में 380 केसों का निस्तारण किया। उन्होंने बताया कि दो साल के कूलिंग-ऑफ पीरियड के तहत अपने राज्य की सेवा में रहने का नियम है।
