हां मैंने मां को मारा…नहीं मैं तो मां को मार ही नहीं सकता। गहने पलंग के दीवान में छिपाए हैं…, अरे मैंने तो कहा ही नहीं कि गहने मैंने लूटे हैं… तीन दिन तक पुलिस के सवालों के कुछ इस तरह के जवाब देने वाले अमरीश के सामने थाना पुलिस ही नहीं बल्कि दो-दो आईपीएस अधिकारी भी सरेंडर हो गए।



दृश्यम फिल्म सी उलझी इस मर्डर मिस्ट्री में अमरीश के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य न मिलने पर शनिवार सुबह उसे थाने से छोड़ना पुलिस की मजबूरी बन गया। बात हो रही है मंगलवार रात रावतपुर के केशवपुरम में 58 वर्षीय महिला उमा की हत्या और लूट की। पुलिस के लिए मामले में शुरू से ही संदिग्ध रहे उमा के बेटे अमरीश से इन तीन दिनों में कई सवाल पूछे गए, नतीजा सिफर रहा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें