किशोरी से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में बाल न्यायालय ने सोमवार को आरोपी आलोक को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 54 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना के समय अभियुक्त नाबालिग था।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2022 में किशोरी के भाई ने दरगाह शरीफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि आलोक बहला-फुसलाकर उसकी 15 वर्षीय बहन के साथ दुष्कर्म करता था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। पुलिस ने जांच के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाकर 26 जुलाई 2022 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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अभियुक्त के नाबालिग होने के कारण मामला पहले किशोर न्याय बोर्ड में चला। बोर्ड ने अपराध को गंभीर मानते हुए तीन सितंबर 2024 को इसे बाल न्यायालय भेज दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अरविंद गौतम ने साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध पाते हुए यह सजा सुनाई। घटना के समय अभियुक्त नाबालिग होने के कारण सजा का क्रियान्वयन किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार होगा।