प्रदेश के बेसिक शिक्षकों ने पितृ विसर्जन के दिन दिए गए अवकाश को सार्वजनिक अवकाश की श्रेणी में रखने की मांग की है। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा परिषदीय विद्यालयों के लिए जारी छुट्टियों के कैलेंडर में पितृ विसर्जन पर शिक्षक और शिक्षिकाओं दोनों को अवकाश दिया गया है, लेकिन इसे सार्वजनिक अवकाश की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।
शिक्षक संगठनों ने इसको लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब विद्यालयों में इस दिन सभी शिक्षकों को अवकाश दिया जाता है तो इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित करने में क्या अड़चन है? परिषदीय विद्यालयों के कैलेंडर में शिक्षिकाओं के लिए हरितालिका तीज, करवा चौथ, संकटा चतुर्थी, हलषष्ठी, जीउतिया व्रत और अहोई अष्टमी जैसे पर्वों पर भी अवकाश का प्रावधान है।
वहीं पितृ विसर्जन पर शिक्षक-शिक्षिकाओं दोनों को छुट्टी मिलती है। ऐसे में इसे सामान्य अवकाश और सार्वजनिक अवकाश की अलग-अलग श्रेणियों में रखने से लोगों में भ्रम की स्थिति बनती है। शिक्षक संगठनों ने मांग की 10 अक्तूबर को पितृ विसर्जन का सार्वजनिक अवकाश सभी शिक्षकों के लिए घोषित किया जाए। ताकि इसे लेकर कोई भ्रम की स्थिति न रहे।
