Lucknow: Hoarding sugar in UP will lead to imprisonment

यूपी में फिर बढ़े चीनी के दाम।
– फोटो : अमर उजाला।

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चीनी के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। चीनी की जमाखोरी करने वालों को जेल जाना पड़ेगा। डीलरों को 1 हजार क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक होने पर उसे 15 दिन के भीतर खाली करना होगा। खाद्य विभाग ने नियमों का पालन न करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसमें एफआईआर और जेल भेजे जाने तक का प्रावधान है। 


खाद्य विभाग के अपर आयुक्त रवि शंकर मिश्र की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने चीनी के डीलरों को स्टॉक रखने की सीमा में संशोधन करते हुए इसे 1000 क्विंटल कर दिया गया है। यह संशोधित सीमा 15 अक्तूबर से 30 नवंबर तक के लिए लागू की गई है। किसी भी समय और किसी भी स्थान पर चीनी का कोई भी डीलर ऐसे स्टॉक की प्राप्ति की तारीख से 15 दिन से अधिक अवधि के लिए चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा। 

पर्याप्त स्टाॅक, त्योहारों में भरपूर मिलेगी : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसकी कहीं कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रदेशवासी किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। त्योहारों पर भी पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहेगी। 


  • राज्य के गोदामों में वर्तमान में 70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक है। इसमें सहकारी चीनी के मिलों के पास 13.40 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों के पास 2.93 लाख क्विंटल और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के पास 54.3 लाख क्विंटल से अधिक चीनी है। इसके अतिरिक्त चीनी मिलों का संचालन अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ हो जाएगा, जिससे नवंबर में नए सत्र 2026-27 के अंतर्गत नई उत्पादित चीनी भी बहुत जल्द उपभोक्ताओं के लिए सुलभ हो जाएगी। 

स्टॉकिस्ट को हर शुक्रवार को करनी होगी घोषणा


प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, निदेशक मंडी परिषद, डीएम और संभागीय खाद्य नियंत्रक को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अधीन चीनी की स्टॉक सीमा का पालन सुनिश्चित कराएंगे। चीनी के अलग-अलग तरह के स्टॉकिस्ट यानी बिग चेन रिटेलर, प्रोसेसर, रिटेलर, ट्रेडर, होलसेलर को केंद्र सरकार के पोर्टल पर प्रत्येक शुक्रवार को चीनी के स्टॉक की घोषणा नियमित रूप से कराने के लिए निर्देशित किया गया है। 



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