प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने पीलीभीत की मतदाता सूची में गड़बड़ी के विपक्षी दलों के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी को मामले की शीघ्र जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि अगर जांच में गड़बड़ी के आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कांग्रेस व सपा की ओर से पीलीभीत की मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें की गई हैं। पीलीभीत की सदर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का एपिक नंबर सही होने के बावजूद उनके नाम गलत दर्ज किए गए हैं। यही नहीं गलत लोगों के नाम जोड़े जाने और पात्र लोगों के नाम काटे जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। सपा ने सोमवार को इस मामले में ज्ञापन भी दिया था और अब बुधवार को कांग्रेस ने भी इस मामले को जोर-शोर से उठाया गया। सीईओ ने मामले की जांच के सख्त आदेश दिए हैं।
कांग्रेस का आरोप…पीलीभीत में 13150 मतदाताओं के बदले गए नाम
प्रदेश कांग्रेस ने एसआईआर के तहत मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। पार्टी मुख्यालय में बुधवार को संयुक्त प्रेसवार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पीलीभीत में 13150 मतदाताओं के नाम फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद बदलने का आरोप लगाया। साथ ही इस मामले में न्यायालय जाने की बात कही।
प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि वोटिंग प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग का ऐसा षड्यंत्र है, जिस पर कभी किसी की नजर आसानी से नहीं पड़ सकती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व उनकी टीम के नेतृत्व में ऐसा तंत्र तैयार किया कि किसी को भी हराया और किसी को भी जिताया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को प्रदेश में एसआईआर का फाइनल ड्राफ्ट जारी हुआ। वोटर आश्वस्त था कि उसका सीरियल नंबर, नाम, पता, इपिक नंबर और नाम की स्पेलिंग सही है। पर जुलाई से सितंबर के बीच विधानसभा क्षेत्र नंबर 127-पीलीभीत सदर में 13150 मतदाताओं के इपिक नंबर और सीरियल नंबर वही रहते हुए नाम बदल दिए गए। ऐसे ही 884 ऐसे मतदाताओं के नाम हटा दिए गए जो अभी भी वहां हैं। 2600 ऐसे वोटर जोड़े गए, जो मौके पर रहते ही नहीं हैं। इस तरह एक विधानसभा में कुल 16554 वोटों का खेल सामने आया है।
प्रदेश अध्यक्ष आराधन मिश्रा मोना ने कहा कि मतदाता सूची से नाम गायब होने का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कानूनी राय ली जाएगी। पार्टी इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व सांसद इमरान मसूद ने कहा कि लोकतंत्र बचाना किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर अदालत का रुख भी करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान : सुप्रिया
पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पीलीभीत सदर विधानसभा सीट से प्रदेश सरकार में मंत्री संजय गंगवार जो पीलीभीत सदर से विधायक ने 2022 का चुनाव 6930 वोटों से जीता था। इसी विधानसभा क्षेत्र में 16 हजार से ज्यादा वोटों में गड़बड़ी हुई। उन्होंने चुनाव आयोग की कर्मचारी सीमा खन्ना पर भी गंभीर सवाल उठाया। कहा, सीमा खन्ना ने साफ्टवेयर पर कब्जा करके ज्ञानेश कुमार के इशारे पर वोट चोरी का काम किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेने की मांग की।
