Harris Gun House in Jaunpur under investigation following its implication in an arms-smuggling case

जांच करती पुलिस
– फोटो : अमर उजाला

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जौनपुर में हाल ही में पकड़े गए हथियारों और अवैध कारतूसों की तस्करी के मामले में कानपुर के मेस्टन रोड स्थित हैरिस गन हाउस का नाम सामने आने के बाद सोमवार को मूलगंज पुलिस ने शस्त्रालय की जांच की। पुलिस ने दुकान के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों और स्टॉक रजिस्टर का मिलान करते हुए असलहों व कारतूसों का भौतिक सत्यापन किया। शुरुआती जांच में छह माह के भीतर 37432 कारतूसों की खरीद और 20357 कारतूसों की बिक्री का रिकॉर्ड मिला है।


मूलगंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 39/07 मेस्टन रोड स्थित हैरिस गन हाउस के अभिलेखों की जांच की। रिकॉर्ड के मुताबिक, एक अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच दुकान से 153 नई और पुरानी बंदूकें बेची गईं। इसी अवधि में 37432 कारतूस खरीदे गए, जिनमें से 20357 की बिक्री दर्ज है।

जांच में यह भी सामने आया कि शस्त्रालय की ओर से असलहों और कारतूसों को बार-बार दूसरे शस्त्रालयों में सेफ कस्टडी के लिए भेजे जाने की प्रविष्टियां रजिस्टर में दर्ज हैं। पुलिस अब इन प्रविष्टियों का मिलान कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि असलहे और कारतूस किन शस्त्रालयों में भेजे गए और उनका वास्तविक स्टॉक कितना है।

पुलिस के मुताबिक, शस्त्रालय के रिकॉर्ड में दूसरे राज्यों के लोगों को बड़ी संख्या में असलहे और कारतूस बेचने का ब्योरा मिला है। इनमें बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड और राजस्थान समेत अन्य राज्य शामिल हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, एक जनवरी से 25 दिसंबर 2024 तक दूसरे राज्यों में 46 असलहे और 7560 कारतूस बेचे गए। 25 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 49 असलहे और 3380 कारतूस की बिक्री दर्ज है। वहीं, एक अप्रैल से 31 अक्तूबर 2026 तक 32 असलहे और 7590 कारतूस दूसरे राज्यों में बेचे गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी रिकॉर्ड का गहनता से मिलान और भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही बिक्री और सेफ कस्टडी से जुड़े पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



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