उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का मानना है कि यूपी में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे। जनगणना की प्रक्रिया चुनाव के पहले या बाद में पूरी की जा सकती है। वह यूपी में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने को लेकर आश्वस्त हैं वह कहते हैं कि बसपा, कांग्रेस और सपा मिल जाएं तो भी जीतेगी भाजपा ही, क्योंकि आम जन को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विशेष संवाददाता अजित बिसारिया से लंबी बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश…
सवाल : कांग्रेस के कुछ नेताओं ने मायावती से मिलने का प्रयास किया था?
जवाब : कांग्रेस की मंशा बसपा के बचे-खुचे वोट बैंक के सहारे यूपी में कुछ हासिल कर लेने की है। बसपा प्रमुख इसे समझती हैं। इसलिए कांग्रेस नेताओं को चौखट से लौटा दिया। बसपा का अब यूपी में वजूद नहीं है, क्योंकि उसने सत्ता में रहते कोई काम नहीं किया। अब उसका वोट बैंक भाजपा के साथ है।
सवाल : सपा प्रमुख अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा में पीडीए का सम्मान नहीं है?
जवाब : सपा अध्यक्ष वर्ष 2012-17 के बीच अपनी सरकार के कारनामे भूल जाते हैं। उन्हें तो ओबीसी और एससी समाज से माफी मांगनी चाहिए। उनकी नीति सिर्फ हिंदू समाज को बांटकर राज करने की है।
सवाल : भाजपा की जीत के प्रति इतना आश्वस्त कैसे हैं?
जवाब : भाजपा तमाम राज्यों में तीसरी बार जीतने का रिकॉर्ड बना चुकी है। इसलिए यूपी में भी तीसरी बार जीतेगी। इसको लेकर विपक्षियों को भी शंका नहीं है।
सवाल : विधानसभा चुनाव को लेकर चुनौतियां क्या हैं?
जवाब : चुनाव तो चुनौती ही होता है। हम 2017 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। सपा प्रमुख में आम जन के नेतृत्व की क्षमता नहीं। अलबत्ता सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव जीवित होते तो सपा बेहतर कर सकती थी।
