वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र के चिलबिला निवासी सुशील कुमार पांडेय को अवैध असलहा देकर फर्जी मुकदमे में फंसाने व डराकर रुपये वसूलने के मामले में मंगलवार की देर शाम सुरेरी थाने की पुलिस ने राजेंद्र दुबे, वंशनारायण गिरि और चार अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, लूट, जबरन वसूली सहित अन्य आरोपों प्राथमिकी दर्ज की है। एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने मामले की जांच एसपी ग्रामीण आशीष कुमार को दी है। पुलिस के मुताबिक राजेंद्र ने पीड़ित को बुलाया और वंशनारायध के बैंक खाते में पैसा मंगवाया गया था। इसकी साजिश सादी वर्दी में आए चार अज्ञात पुलिसकर्मियों ने रची थी।
सुशील कुमार पांडेय ने एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में बताया था कि 13 सितंबर की सुबह वह घर से करीब 500 मीटर दूर मंदिर में पूजा करने जा रहे थे। इसी दौरान उसके परिचित राजेंद्र दूबे का फोन आया और उसे मिलने के लिए बुलाया। वह मुख्य हाईवे की ओर पहुंचा तो राजेंद्र कार में बैठा मिला। आरोप है कि उसके पास पहुंचते ही चार अन्य लोग वहां आए और जबरन उसे कार में बैठा लिया।
आरोप है कि सभी ने खुद को पुलिसकर्मी बताया, लेकिन किसी ने वर्दी या पहचान पत्र नहीं दिखाया। इसके बाद उसे सुरेरी थाने ले जाया गया। उसे वाराणसी से बाहर जौनपुर के सुरेरी थाने ले जाने से पहले स्थानीय थाने को कोई सूचना नहीं दी गई। थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने अवैध असलहा हाथ में पकड़ा दिया और उसका वीडियो बना लिया। पुलिसकर्मियों ने उसे असलहा तस्कर बताने का प्रयास किया और वसूली का दबाव बनाया। सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए जिस पर ऊपर दो-तीन लाइनें लिखी हुई थीं।