सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश में स्थायी डीजीपी के चयन के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अधिकारियों के साथ मंथन हुआ। बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद ने भी हिस्सा लिया। सूत्रों के मुताबिक बैठक में वरिष्ठता के आधार पर तीन अधिकारियों का पैनल बनाकर राज्य सरकार को भेजने पर सहमति बनी है।
आयोग द्वारा राज्य सरकार को पैनल भेजने के बाद तीनों अधिकारियों की विजिलेंस जांच रिपोर्ट राज्य सरकार द्वारा तलब की जाएगी। तत्पश्चात, इनमें से किसी एक का चयन होगा। पैनल में शामिल नामों पर विचार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपयुक्तता के आधार पर स्थायी डीजीपी का चयन करेंगे। बता दें कि प्रदेश में डीजी रेणुका मिश्रा, पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण का नाम वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर है। माना जा रहा है कि वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को ही राज्य सरकार स्थायी कर सकती है।
वह बीते वर्ष 31 मई को डीजीपी प्रशांत कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक डीजीपी बनाए गए थे। उनके पास डीजी विजिलेंस के पद की जिम्मेदारी भी है। बता दें कि मुकुल गोयल को डीजीपी के पद से हटाने के बाद से प्रदेश में लगातार कार्यवाहक डीजीपी की तैनाती हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्यों में इस चलन पर कड़ी आपत्ति की थी और उनको स्थायी डीजीपी की तैनाती करने का आदेश दिया था। प्रदेश सरकार ने डीजीपी की तैनाती के लिए एक नियमावली भी बनाई थी लेकिन कोर्ट के रुख को देखते हुए उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
