मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने के लिए लखनऊ के मौसम विज्ञान केंद्र को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के रूप में अपग्रेड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को इसका शुभारंभ किया।
इस केंद्र को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का अधिकार क्षेत्र प्राप्त होगा। रीजनल कमांड सेंटर का दर्जा मिलने से यूपी के गंगा के घनी आबादी वाले मैदानी क्षेत्रों समेत उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम की निगरानी, सटीक पूर्वानुमान और समयबद्ध पूर्व चेतावनी सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।
प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान से बचेंगे अन्नदाता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र किसानों को मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने, आकाशीय बिजली, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि वाला उत्तर प्रदेश फिलहाल 21 प्रतिशत खाद्यान्न ही उत्पादन करता है। बारिश, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अनावृष्टि की समय पर सटीक जानकारी मिले तो प्रदेश के पास देश के 35 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन की क्षमता है। प्रदेश का यह उच्चीकृत मौसम विज्ञान केंद्र किसानों की आय बढ़ाने और फसलों को नुकसान से बचाने व आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होगा।
