प्रदेश में मानसून का असर बना हुआ है। पूर्वी तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर पहुंच गया है। इसके प्रभाव से मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से थोड़ा दक्षिण की ओर खिसक गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका असर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अधिक देखने को मिलेगा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने के आसार हैं। मौसम तंत्र के आगे बढ़ने के साथ अगले कुछ दिनों में प्रदेश में मानसून और कमजोर पड़ सकता है।
इस दौरान अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा तक सीमित रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान फतेहगढ़ में 36.4 डिग्री दर्ज किया गया। मुरादाबाद में अधिकतम तामपान 36.2 और बस्ती में 36 डिग्री दर्ज किया गया।