प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रयागराज में बुधवार को गंगा का जलस्तर सात सेंटीमीटर, युमना के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रति चार घंटे की दर से वृद्धि दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी अभी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। वहीं, बारिश से मकान-दीवार ढहने से प्रदेश में 10 लोगों की मौत हुई है।
बारिश में दीवार गिरने से मिर्जापुर में 2 महिलाओं की मौत, वाराणसी, प्रतापगढ़ व प्रयागराज में एक-एक मौत हुई है। अमरोहा में दो की मौत हुई है। अवध क्षेत्र में अमेठी व रायबरेली में कच्चे मकान गिरने से दो किसानों और सीतापुर में कच्ची दीवार गिरने से महिला की मौत हुई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में अचानक आई बाढ़ के बीच पीएसी और प्रशासन की टीम ने करीब 150 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। थाना पहाड़ी क्षेत्र के ग्राम चौरा में मंगलवार को बाढ़ का पानी भरने की सूचना पर पीएसी नैनी, प्रयागराज की बाढ़ राहत टीम ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रभावित लोगों को भोजन और राहत सामग्री देने के साथ मेडिकल जांच भी कराई गई। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रदेश में अब तक 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 22 जिलों में बाढ़ का असर ज्यादा है।