उरई। कोतवाली क्षेत्र में प्लॉट पर कब्जे को लेकर चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पटेल नगर निवासी मोहम्मद रईस खां की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शहर के मोहल्ला पटेल नगर निवासी मोहम्मद रईस खान ने वाद दायर करते हुए बताया कि उसने मौजा इकलासपुरा स्थित आराजी संख्या 80/2 में 3750 वर्गफीट का प्लॉट 20 लाख रुपये में खरीदा था। इसका बैनामा रजिस्ट्री कार्यालय उरई में दर्ज है।

रईस के अनुसार, उक्त जमीन मूल रूप से ग्राम सतगुवां, थाना जतारा, जिला टीकमगढ़ मध्य प्रदेश निवासी जगदीश प्रसाद की थी। जमीन की देखरेख के लिए जगदीश प्रसाद ने उमाशंकर यादव को मुख्तारनामा दे रखा था। इसी के माध्यम से उसने प्लॉट का सौदा किया था।

पीड़ित का आरोप है कि उरई निवासी अनुभव चतुर्वेदी, अजित माहेश्वरी और विकास कुशवाहा ने जगदीश प्रसाद के साथ मिलकर उसी प्लॉट का एक अन्य एग्रीमेंट करा लिया। आरोप है कि इस एग्रीमेंट में विकास कुशवाहा को गवाह बनाया गया। पीड़ित ने एग्रीमेंट की रजिस्ट्री अभिलेख में दर्ज होने का भी उल्लेख किया है।

रईस का कहना है कि जब उसे इस मामले की जानकारी हुई तो उसने आरोपियों से शिकायत की। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि 27 जुलाई 2026 की रात करीब आठ बजे अनुभव चतुर्वेदी ने उसके मोबाइल पर फोन किया। आरोप है कि फोन पर उसे प्लॉट छोड़ने या 35 लाख रुपये देने के लिए कहा गया। ऐसा न करने पर गोली मारकर हत्या करने और हाथ-पैर तुड़वा देने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

रईस के मुताबिक, उसने मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस से की, लेकिन कार्रवाई न होने पर वह एसपी के पास पहुंचा। वहां से भी राहत न मिलने पर उसने न्यायालय विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाल आनंद सिंह का कहना है कि न्यायालय के आदेश के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में सामने आए दस्तावेजों, एग्रीमेंट और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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