मंडलायुक्त सभागार में बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कमिश्नर नगेंद्र प्रताप ने कर-करेत्तर वसूली और राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने वाणिज्य कर, स्टांप, रजिस्ट्रेशन और आबकारी मद में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए। परिवहन मद में आगरा और फिरोजाबाद को वसूली में तेजी लाने को कहा। बिना स्थलीय जांच के एक पक्षीय कार्रवाई की शिकायतों पर आयुक्त ने जांच कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पूरी निष्पक्षता बरतने के निर्देश दिए।

राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने धारा 24, 34, 67, 80 और 116 के अंतर्गत 3 से 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का आदेश दिया। उन्होंने सभी अपर जिलाधिकारियों (वित्त) को तहसील न्यायालयों के वाद निस्तारण की रैंडम जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

जनपदवार पांच सबसे अच्छे और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली तहसीलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने खराब स्थिति वाली तहसीलों में पेंडेंसी खत्म कर अपनी रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में विधिक माप विज्ञान में मैनपुरी की प्रगति की सराहना की गई। इस दौरान अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, आगरा के एडीएम वित्त संदीप कुमार वर्मा, मथुरा के एडीएम वित्त पंकज वर्मा, और मैनपुरी से एडीएम वित्त श्यामलता आनंद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 



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