लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिलहाल कानपुर से लखनऊ की ओर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंधित अभी जारी रहेगा। आईआईटी खड़गपुर की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वाहनों की आवाजाही को लेकर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि पहले यह कहा जा रहा था कि क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्सों की मरम्मत के बाद भारी वाहनों की नो एंट्री को हटा लिया जाएगा।
18 करोड़ रुपये के टोल का हो चुका है नुकसान
बीते छह अगस्त से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली स्थगित है। एनएचएआई की ओर से आकलन प्रतिदिन 42 लाख रुपये की टोल वसूली का था। इसके चलते पिछले 41 दिनों में 18 करोड़ रुपये के आसपास की टोल वसूली का नुकसान हो चुका है। एनएचएआई का कहना है कि टोल के नुकसान की भरपाई निर्माणदायी एजेंसी पीएनसी से होगी।
