कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने शुक्रवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान ‘मनुस्मृति’ का जिक्र करने को लेकर राहुल पर सनातन धर्म को ‘निशाना बनाने और उसका ‘अपमान करने’ का आरोप लगाया। आईएएनएस से खास बातचीत में कथावाचक ने कहा कि त्योहार का मतलब तो नहीं बदला है, लेकिन समय के साथ लोगों के इसे मनाने का तरीका बदल गया है।
उन्होंने कहा कि अब जिसे भी समय मिलता है, वह अपने तरीके से जश्न में शामिल हो जाता है। ‘मनुस्मृति’ पर राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर आप मनुस्मृति को समझते नहीं हैं, तो इसमें क्यों पड़ रहे हैं? अगर आप मनुस्मृति का अध्ययन करेंगे, तो आपको धर्म का ज्ञान होगा।
विपक्ष के नेता से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि क्या राहुल गांधी ने कभी तीन तलाक के बारे में बात की? क्या उन्होंने कभी बुर्का या हलाला के बारे में बात की? क्या हलाला और तीन तलाक महिलाओं के सम्मान के लिए हैं? वह इनमें से किसी भी मुद्दे पर बात नहीं करते। वह सिर्फ सनातन को निशाना बनाते हैं और सनातन का अपमान करते रहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी से मनुस्मृति पढ़ने का आग्रह किया और कहा कि इस प्राचीन हिंदू ग्रंथ में ही महिलाओं का सम्मान करने की बात कही गई है।
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि उनका सनातन से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए वह इसे निशाना बनाएंगे और इसका अपमान करेंगे, जबकि सनातन धर्म में ही महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है। क्या किसी अन्य धर्म में महिलाओं की इस तरह पूजा की जाती है? किसी को राहुल गांधी को यह समझाना चाहिए।
जब उनसे राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के तौर पर एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है। अब जब उन्हें जिम्मेदारी दी गई है, तो वह ईमानदारी से काम करेंगे। मेरी ईश्वर से यही आशा और प्रार्थना है कि वे सभी (नए ट्रस्टी) ईमानदारी से काम करें।
आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि इस व्यवस्था को खत्म नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसका लाभ गरीबों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, जब तक किसी व्यक्ति को जरूरत हो, उसे मदद मिलनी चाहिए। लेकिन पढ़ाई-लिखाई करने, कमाने और मंत्री बनने के बाद उन्हें उस मदद की जरूरत नहीं रहती। अब यह मदद गरीबों को मिलनी चाहिए। जो लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, उन्हें मदद दी जानी चाहिए क्योंकि उन्हें सच में इसकी जरूरत है।
