कलक्ट्रेट में मंगलवार को जनता दर्शन के दौरान नर्वल निवासी अंकुर सिंह पिता के नाम दर्ज शस्त्र लाइसेंस को विरासत के आधार पर अपने नाम कराने की मांग लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के पास पहुंचे। बातचीत के दौरान डीएम की नजर अंकुर के पान मसाला खाने पर पड़ी तो उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा, तुम्हारी पीक ही तुम्हारा हथियार है, पहले पान मसाला खाना छोड़ो। इस पर आसपास मौजूद लोग मुस्कुरा उठे।
डीएम ने अंकुर को शस्त्र लाइसेंस के दावे के लिए जरूरी दस्तावेज और सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने माता-पिता, बाबा और ग्राम प्रधान से भी शपथपत्र लाने को कहा कि आवेदक पान मसाला छोड़ चुका है और आगे इसका सेवन नहीं करेगा। डीएम ने कहा कि इसका उद्देश्य आवेदक को बुरी आदत से दूर करना है जिससे स्वास्थ्य के साथ पैसे की भी बचत होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस विरासत के आधार पर स्वतः नहीं मिलता। निर्धारित दस्तावेज, नियम और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आवेदन पर नियमानुसार निर्णय होगा।
