मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जनगणना के कार्यों में सहयोग नहीं करने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसमें लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सहयोग न करने वाले कर्मियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। वह मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लखनऊ, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशांबी, झांसी, गोंडा और गौतमबुद्धनगर में जनगणना कार्य की समीक्षा कर रहे थे।


मुख्य सचिव ने इन जिलों के डीएम और नगर आयुक्तों से कहा कि भारत सरकार द्वारा जनगणना कार्य की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) का कार्य निर्धारित समय में पूरा कराया जाए। साथ ही जनगणना कार्य की प्रगति की दैनिक समीक्षा करते हुए जमीनी स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया जाए। जिन क्षेत्रों में कार्य की प्रगति धीमी है, वहां विशेष प्रयास करें। बैठक में निदेशक जनगणना कार्य शीतल वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

5365 करोड़ से होंगे सीवरेज और पेयजल योजनाओं के कार्य

मुख्य सचिव ने अमृत 2.0 के अंतर्गत 18वीं स्टेट हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी की मंगलवार को हुई बैठक में शहरी क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से करीब 5365 करोड़ रुपये की लागत वाली 17 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दी गई। इसमें 4 पेयजल, 10 सीवरेज तथा 3 अमृत सरोवर परियोजनाएं शामिल हैं। ये कार्य वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मथुरा-वृंदावन नगर में कराए जाएंगे। इसके अलावा बुलंदशहर, सुल्तानपुर और बाराबंकी की तीन अमृत सरोवरों के विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद, प्रबंध निदेशक जल निगम (शहरी) रवींद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



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