मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे की वजह से विधानसभा की कार्यवाही तीन दिन में महज पौने तीन घंटे की संचालित हो पाई। सत्र के दौरान सदन की कुल तीन बैठकें हुईं। कुल 5 घंटे 32 मिनट की कार्यवाही में 2 घंटे 49 मिनट का स्थगन रहा, जबकि 2 घंटे 43 मिनट तक सदन की कार्यवाही संचालित हुई। इस दौरान विभिन्न विधायी, संसदीय एवं अन्य जरूरी कार्य संपन्न हुए।
तीन दिवसीय सत्र में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 12 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया गया। इनमें राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, लोक सेवा (अधिकरण) (संशोधन) विधेयक, राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) विधेयक, दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) विधेयक, निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, उप्र निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) विधेयक, उप्र निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) विधेयक, रजिस्ट्रीकरण (उप्र संशोधन) विधेयक, भारतीय स्टाम्प (उप्र संशोधन) विधेयक, उप्र वानिकी और औद्यानिकी विश्वविद्यालय विधेयक तथा उप्र विनियोग (2026-27 का अनुपूरक) विधेयक शामिल हैं। वहीं विधानसभा सचिवालय की याचिका समिति को कुल 435 याचिकाएं प्राप्त हुईं।
साथ ही कुल 2,427 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें 490 तारांकित तथा 1,466 अतारांकित प्रश्न स्वीकार किए गए। इनमें से 120 तारांकित एवं 838 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए। 95.67 प्रतिशत प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए तथा उनके उत्तर भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए गए, जिससे विधानसभा की ई-विधान प्रणाली एवं डिजिटल संसदीय व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिली।
