आगरा में बुधवार को दोपहर और शाम को बारिश चंद मिनट ही हुई, लेकिन सड़कों पर हुए जलभराव में नगर निगम के अफसरों के दावे डूब गए। नालों की तलीझाड़ सफाई का सच मेयर और नगर आयुक्त देख चुके हैं, वहीं मंगलवार को 65 से ज्यादा जगहों पर हुए जलभराव ने अफसरों के दावों की पोल खोल दी थी। मंगलवार की तरह बुधवार को भी उन्हीं जगहों पर फिर से जलभराव हुआ, वहीं ट्रांसपोर्ट नगर, खेरिया मोड़, आजमपाड़ा, सोहल्ला आदि क्षेत्रों में 24 घंटे बाद भी पानी नहीं निकला। दोपहर और रात की बारिश में हुए जलभराव से लोग परेशान रहे।
बुधवार दिन में बारिश के कारण सड़कों पर भरा पानी निकल नहीं पाया कि शाम को फिर से बारिश शुरू हो गई। नालों के चोक होने के कारण सड़कों पर पानी रात तक भरा रहा जो निकल नहीं सका। नेशनल हाईवे पर सिकंदरा से रामबाग के बीच 16 जगहों पर सर्विस लेन और मुख्य मार्ग पर पानी भरा रहा। खासकर केके नगर मोड़, गुरुद्वारा गुरु के ताल, फ्लाईओवर के पास, डीवीवीएनएल ऑफिस के सामने और सर्विस लेन पर जलभराव रहा। खेरिया मोड़ पर वीआईपी रूट पानी में डूबा रहा। यहां डेढ़ से दो फीट तक वाहन पानी में डूब गए, वहीं आवास विकास कॉलोनी, शंकरगढ़ पुुलिया, सोहल्ला, देवरी रोड, फतेहाबाद रोड, एमजी रोड पर एलआईसी बिल्डिंग से स्पीड कलर लैब के बीच, ट्रांसपोर्ट नगर आदि जगहों पर सड़कों पर जलभराव बना रहा।