मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या पहुंचे उपराष्ट्रपति, विदेशी राजनयिकों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए रामभक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरयू तट पर बसी धर्मनगरी अयोध्या दिव्य दीपोत्सव के लिए पूरी तरह सज चुकी है।
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।। आज पावन, पुण्यसलिला माँ सरयू की गोद में बसी धर्मनगरी श्री अयोध्या धाम अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति के महाकुंभ ‘दिव्य दीपोत्सव’ हेतु पूर्ण रूप से सज्जित है। वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनी आस्थाओं का यह पावन प्रतिफल आज पुनः लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा बनकर अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करने जा रहा है। अवधपुरी का कण-कण आज आह्लादित है, स्पंदित है। इस दिव्य-भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने पधार रहे माननीय उपराष्ट्रपति जी, विभिन्न मित्र देशों के सम्मानित राजदूत, उच्चायुक्त, राजनयिक एवं देश-विदेश से पधारे समस्त विशिष्ट अतिथियों, पूज्य साधु-संतों व रामभक्तों का प्रभु श्री राम की पावन जन्मभूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है। समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के इस पावन पर्व में आप सभी का सान्निध्य इस दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगा। आइए, धर्म, मर्यादा और आलोक के इस महापर्व के साक्षी बनें। जय श्री राम!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 7, 2026
वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनियों की आस्था का प्रतिफल आज लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा के रूप में दिखाई देगा।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि दीपोत्सव अंधकार पर प्रकाश और सत्य व धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करेगा। इस अवसर पर अवधपुरी का कण-कण उल्लास और भक्ति से भरा है।
योगी आदित्यनाथ ने आयोजन में शामिल होने आ रहे उपराष्ट्रपति, मित्र देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों, विशिष्ट अतिथियों, साधु-संतों और रामभक्तों का प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश देने वाले इस पर्व में सभी की मौजूदगी दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से धर्म, मर्यादा और प्रकाश के इस महापर्व का साक्षी बनने की अपील करते हुए अपना संदेश ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ समाप्त किया।

