उरई। फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे की जमीन का बैनामा कराने के छह साल पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया है। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे ने राजू को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 7,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।


शहर कोतवाली क्षेत्र के नया रामनगर निवासी बृजेश कुमार वर्मा ने 19 मार्च 2020 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि इंद्रानगर निवासी राजू ने 24 जनवरी 2020 को फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी जमीन का बैनामा करा लिया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।

विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 23 जून 2022 को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। शुक्रवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी राजू को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।



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