बैंकों की सुस्ती और कागजी पेचीदगियों के कारण प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को ग्रहण लग गया है। यूपीनेडा की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जनसमर्थ पोर्टल पर त्वरित कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, एसबीआई, पीएनबी, केनरा और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी प्रमुख बैंकों में 3,016 सोलर लोन फाइलें धूल फांक रही हैं। इससे योजना की रफ्तार सुस्त पड़ गई है।
आगरा में कैंट, शाहगंज, दयालबाग से लेकर देहात के अछनेरा और बाह तक की शाखाओं में आवेदन स्वीकृति और वितरण के लिए अटके पड़े हैं। अधिकांश फाइलें केवाईसी, मार्जिन मनी या दस्तावेज की कमी का हवाला देकर रोकी गई हैं। खास बात यह है कि कई मामलों में सारी औपचारिकताएं पूरी होने और लोन पास होने के बावजूद अब तक राशि जारी नहीं की गई है।
इस सुस्त रवैये से उपभोक्ताओं के घरों में सोलर रूफटॉप लगने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जिला स्तरीय अधिकारियों को लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) और शाखा प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित कर दैनिक समीक्षा करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि लंबित फाइलों का निस्तारण हो सके।
वेंडर्स का फंसा करोड़ों का भुगतान
बैंकों की इस लापरवाही का सीधा असर वेंडर्स पर पड़ रहा है। शहर में 300 से अधिक वेंडर्स हैं। कई शाखाओं में एक-एक वेंडर की 15-20 फाइलें लटकी हैं। काम पूरा होने के बावजूद जेपी एंटरप्राइजेज और सिक्योर हिंद पे जैसी दर्जनों कंपनियों का करोड़ों रुपये का वर्किंग कैपिटल फंसा हुआ है, जिससे उनका आगे का काम बाधित हो रहा है।
मिशन मोड में होगा निस्तारण
लंबित आवेदनों का निस्तारण मिशन मोड में किया जाएगा। सभी को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक स्वीकृत प्रकरण का समयबद्ध ऋण वितरण वेंडर्स, बैंक व अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। – प्रेमचंद, परियोजना अधिकारी, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण
