Case of death of Rasik Dulari Sharan disciple of Sant Premanand Maharaj reaches High Court hearing today

रसिक दुलारी शरण की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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वृंदावन के वाराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की हुई संदिग्ध परिस्थिति में मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने पुलिस द्वारा इस मामले में हीलाहवाली बरतते हुए घटना की प्राथमिकी दर्ज न करने का मामला उठाया है। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी।


नगर के बागबुंदेला निवासी अधिवक्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ल ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटी) से निष्पक्ष जांच कराने और मृतक संत के परिजन को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत मुआवजा दिलाने की मांग की है। अधिवक्ता ने बताया कि रसिक दुलारी शरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गंभीर चोटें होने की बात सामने आई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सिर पर 14 टांके का सिला हुआ घाव, निचले होंठ और ठुड्डी पर गहरे कटे हुए निशान मिले। पैर की हड्डी टूटने एवं शरीर के गुप्तांग के काटे जाने के निशान एवं 5 टांके पाए गए हैं। 

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि संत के शिष्य की मौत और चोटों की स्थिति अत्यंत रहस्यमयी है, लेकिन स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। मृतक के परिजन ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की। याचिकाकर्ता ने बताया कि 2 अक्तूबर को इस संबंध में डीजीपी, एसएसपी, अपर मुख्य सचिव गृह और डीएम को भी पत्र भेजा, लेकिन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

 



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