New twist in the extortion case linked to Home Guard recruitment exam

वसूली मामले के आरोपी
– फोटो : अमर उजाला

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होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में वसूली के मामले में नया मोड़ आया। जेल जाने की नौबत आती देख आरोपी डॉक्टरों में कोई मेडिकल के दौरान गश खाकर गिर गया तो किसी ने अपना दिल थाम लिया। यह देख मौजूदा पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन कोतवाली और पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल को मामले की जानकारी दी गई। फिर जिस अस्पताल में दोनों डॉक्टर मरीजों का इलाज करते थे उसी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करा दिया गया। डॉक्टरों के आगे बेबस खड़ी कोतवाली पुलिस के सामने हाथ मलने के अलावा कोई रास्ता नहीं था।


गुरुवार देर शाम पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों ने डॉ. प्रवीण, डॉ. महेश और उनके चालक अजीत पर फिटनेस प्रमाणपत्र देने के नाम पर तीन लाख रुपये वसूली का आरोप लगाकर न सिर्फ जमकर हंगामा किया था बल्कि चालक की पिटाई भी की थी। पुलिस तीनों को पकड़कर कोतवाली लाई। इसके बाद होमगार्ड इंस्पेक्टर सुधांशु की तहरीर पर तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को पूरे दिन तीनों कोतवाली के मुंशियाने में ही गुमसुम बैठे रहे।

दोपहर 3:30 बजे चार-पांच सिपाही तीनों को कोर्ट ले जाने से पहले उर्सला में मेडिकल के लिए लेकर पहुंचे तो डॉ. प्रवीण अपने दिल पर हाथ रखकर कुर्सी पर बैठ गए। इधर, डॉ. महेश भी फर्श पर बैठ गए और बताया कि सर्वाइकल के चलते उन्हें चक्कर आ रहे हैं। दोनों को रखते ही अजीत भी चिल्ला उठा कि पिटाई से उसके सिर गहरी चोटें आई हैं। वह भी पास में पड़े बेड पर लेट गया। अचानक ही तीनों की हालत बिगड़ गई और उन्हें वार्ड से आईसीयू में ले जाया गया।

 



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