झांसी। ऋषिकेश एम्स के फायर सेफ्टी मैन युवक की शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह उत्कल एक्सप्रेस से साक्षात्कार देने के लिए छत्तीसगढ़ जा रहा था। ट्रेन में युवक के अचेत होने की सूचना पर आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने भर्ती कराया था। वहीं, परिजनों ने दो बैग एवं नगदी गायब होने का आरोप लगाया है।

बिहार में जिला भभुआ के मुहनिया निवासी राम दुलार सिंह ने बताया कि रिषी कुमार कुशवाहा (22) उसके भाई हरे राज का बेटा था। उसने आईटीआई किया था। वर्तमान में ऋषिकेश एम्स में फायर सेफ्टी मैन पद पर कार्यरत था। वह छत्तीसगढ़ में साक्षात्कार के लिए उत्कल एक्सप्रेस से जा रहा था। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि रास्ते में रिषी अनहोनी का शिकार हुआ।

झांसी स्टेशन पर पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में चिंताजनक हालात में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि रिषी के पास ट्रॉली बैग समेत दो बैग और नकदी थी, जो अब तक नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि उसे किसी भी तरह की बीमारी नहीं थी। आरपीएफ का कहना है कि सूचना पर उत्कल एक्सप्रेस से अचेतावस्था में युवक को उतारकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसकी मौत हुई है। उन्होंने बताया ट्रेन से एक बैग मिला है। यदि परिजनों दो बैग बता रहे हैं, तो वह बैग की फोटो दें, ताकि लावारिस सामान मिलने का संदेश प्रसारित करके उसका पता लगाया जा सके।

– इंसेट

इंफ्यूजन सेट निकलने से बहता मिला खून

राम दुलार सिंह ने बताया कि जब वह मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे तो वहां घोर लापरवाही दिखी। उन्होंने बताया रिषी के ग्लूकोज की बोतल तो लगी हुई थी मगर इंफ्यूजन सेट (आईवी लाइन) हटी हुई थी। उसके शरीर से तेजी से खून निकल रहा था, जिससे चादर लाल हो गई थी। डॉक्टर से शिकायत की तब इंफ्यूजन सेट को लगाया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। मगर, मामला गंभीर है, इसलिए जांच करके दोषी पर कार्रवाई होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *