सालभर बाद जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण पर अब 100 रुपये शुल्क देना होगा। इसके लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम-1969 में संशोधन किया गया है। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

अभी लोग जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण में देरी करते हैं। इससे सही डेटा नहीं मिल पाता है। इसी तरह सरकारी योजनाओं के लिए कई बार आवेदकों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र भी देने में समस्या होती है। ऐसे में इसे जल्द से जल्द कराने की योजना है। अभी जन्म के 21 दिन के अंदर पंजीयन का कोई शुल्क नहीं लगता है। उसके बाद शुल्क लिया जाता है।

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अब तय किया गया है कि सालभर बाद कोई पंजीयन करता है तो उससे 100 रुपया शुल्क लिया जाएगा। अभी तक सालभर बाद पंजीयन पर 30 रुपया शुल्क लिया जाता था। प्रदेश के 75 जिलों में जन्म मृत्यु पंजीकरण कार्यक्रम का मुख्य जिम्मा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय विभाग का है।



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