
बुजुर्ग। सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : freepik
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खबर वहीं जो सत्य हो©
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बुजुर्ग। सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : freepik
एक तरफ सरकार वरिष्ठ नागरिकों को तमाम सुविधाएं देने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ वह नियमों के मकड़जाल में उलझ रहे हैं। जिस उम्र में बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत मिलनी चाहिए, उस उम्र में उनसे जन्म साबित करने के लिए ऐसे गवाह मांगे जा रहे हैं, जो उनसे 20 साल बड़े हों। सवाल यह है कि 70-77 साल के बुजुर्ग आखिर अपने से 20 साल बड़ी उम्र के गवाह कहां से लाएंगे। किसी के पुश्तैनी घर या आसपास कोई गवाही देने वाला नहीं है। नतीजा यह कि जन्म प्रमाणपत्र अटके हुए हैं। प्रमाण जुटाने की प्रक्रिया ही उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई है।