उरई। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों के नाम फिर से जोड़ने के लिए प्रशासन घर-घर दस्तक देगा। पुरानी और वर्तमान मतदाता सूची का मिलान कर ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा, जिनके नाम पहले सूची में दर्ज थे, लेकिन 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।

बीएलओ इन मतदाताओं के घर पहुंचकर उनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन करेंगे। पात्र पाए जाने पर नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी समीर ने इस संबंध में सभी एसडीएम और निर्वाचन अधिकारियों को अभियान के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है।

इसके लिए सात जनवरी 2025 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची और उसकी पूरक सूचियों की तुलना वर्तमान सूची से की जाएगी। इस दौरान सामने आने वाले प्रत्येक ऐसे मतदाता की स्थिति दर्ज की जाएगी, जिसका नाम पुरानी सूची में था, लेकिन नई सूची में नहीं है।

एक सप्ताह में 20 से 25 मतदाताओं तक पहुंचेंगे बीएलओ

अभियान के तहत बीएलओ को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 मतदाताओं से संपर्क करना होगा। इस प्रक्रिया को लगभग एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। घर-घर सत्यापन के दौरान मतदाता के वर्तमान निवास और अन्य जरूरी जानकारी का पता लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे युवा मतदाताओं को भी चिह्नित किया जाएगा, जो पात्र होने के बावजूद अब तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके हैं। बीएलओ की जिम्मेदारी होगी कि वह इन पात्र युवाओं से फॉर्म-6 भरवाने में मदद करें।

राजनीतिक दलों से भी साझा होगी सूची

अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बीएलओ की ओर से तैयार की जाने वाली तुलनात्मक सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की जाएगी। सूची में मतदाता की वर्तमान स्थिति और जिन लोगों के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरा गया है, उनका विवरण भी दर्ज होगा। बीएलओ यह सूची, भरे हुए फॉर्म-6 और भौतिक सत्यापन रिपोर्ट संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा की जाएगी, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा सकें।

आश्रयहीनों और मजदूर बस्तियों में भी लगेंगे विशेष शिविर

मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए बूथ स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा रात्रि आश्रय स्थलों, मजदूर कॉलोनियों और बेघर व वंचित वर्ग के लोगों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।



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