राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की फाइनल जांच रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को लापरवाही बरतने का दोषी पाया है। वहीं पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के खिलाफ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जो साजिश में शामिल होने की तरफ इशारा कर रहे हैं। चूंकि दर्ज किए गए केस की विवेचना चल रही है लिहाजा उन पर शिकंजा कस सकता है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर अनिल मिश्रा पर कानूनी शिकंजा कसती है या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने क्लीन चिट किसी को नहीं दी है। प्रबंधन से जुड़े सभी पदाधिकारियों व कर्मचारियों को दोषी ठहराया है। चूंकि चंपत राय प्रबंधन के सबसे अहम व शीर्ष के पदाधिकारी थे, इसलिए उनकी भी जिम्मेदारी तय की गई है। उनकी मौजूदगी और पूरा हस्ताक्षेप होने के बावजूद नाक के नीचे करोड़ों रुपये की चढ़ावा चोरी हो गई और उनको भनक तक नहीं लगी। इसलिए वह भी लापरवाही के दोषी हैं। सूत्रों ने बताया कि चंपत राय की भूमिका किसी भी तरह से आपराधिक साजिश में नहीं पाई गई है। इसलिए उन पर कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है। लापरवाही बरतने के दोषी हैं, वह इस्तीफा भी दे चुके हैं ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
