चढ़ावा चोरी के मामले में जांच का दायरा बढ़ने पर यहां व्याप्त अनियमितताओं की कलई खुल रही है। जांच में पता चला है कि सिर्फ चढ़ावा धनराशि में ही हेराफेरी नहीं होती थी, बल्कि हर स्तर पर दलाली हावी थी। लोग धन कमाने में इस कदर अंधे हो चुके थे कि उन्हें धर्म की चिंता नहीं रही। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच टीम पड़ताल कर रही है।
चढ़ावा चोरी मामले में अब व्यवस्था से जुड़े तीन अन्य लोगों का नाम भी इसी कड़ी में प्रमुखता से उठ रहा है। इनमें दर्शन व्यवस्था, एक चिकित्सक व सुरक्षा से जुड़े एक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। इनमें एक व्यक्ति ने पूराकलंदर क्षेत्र में मैरिज लॉन बनवाया। एक व्यक्ति ने अयोध्या धाम में ही एक रेस्टोरेंट खोला। एक अन्य व्यक्ति के भी अच्छी-खासी रकम जुटाने की चर्चा है। मंदिर से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि इन बिंदुओं पर जांच होने से कुछ और लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है।
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दर्शन पास में भी खेल
सूत्रों के अनुसार मंदिर में दर्शन पास, वीआईपी व्यवस्था आदि के नाम पर भी लंबा खेल चलता था। सिक्योरिटी से जुड़े एक रिटायर्ड कर्मचारी की इसमें संलिप्तता की चर्चा है, जिसके पास वॉकीटॉकी रहता था। बाहर के होटलों में सेटिंग के आधार पर दर्शन करवाने के नाम पर भी मोटी रकम वसूली जाती थी।
रात 10 बजे बोरी में जा रहा था सामान, विरोध पर हट गया कर्मी
परिसर से छह माह पहले भी चोरी का एक मामला उजागर हुआ, जिसे दबा दिया गया। सूत्रों के अनुसार, रात 10 बजे ट्रस्ट से जुड़ा एक कर्मचारी बाइक से बोरी में लादकर कुछ सामान ले जा रहा था। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने इसका विरोध किया तो रात तक हंगामा चला। बाद में उसे बोरी में गुड़ होने की जानकारी दी गई। मामला ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव तक भी गया, जिसे पंचायत के बाद रफा-दफा कर दिया गया। आरोपी पर कार्रवाई के बजाय सूचना देने वाले कर्मचारी को ही हटाकर मरम्मत कार्य में लगा दिया गया।
