सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि हमने तो पहले ही कहा था कि सीसीटीवी का नाम चढ़ावा-चोरी टीवी साबित होगा। जिन लोगों (महमूद गजनवी) ने 17 बार लूटा, वे सैकड़ों साल से इतिहास में बदनाम हैं। जिन्होंने केवल 40 दिन में 70 बार लूटा, वे तो इतिहास में इस महापाप के लिए सात जन्मों के लिए काले अक्षरों में दर्ज हो जाएंगे।
अखिलेश ने कहा कि ये सोचा जाए जिन्होंने सात हफ्तों में इतनी चोरी कर ली है, उन्होंने इतने वर्षों में कितना चुराया होगा और कितना आपस में बांटा होगा, कितना चुपके से छुपाया-दबाया होगा और कितना अपने मुखिया तक पहुंचाया होगा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि लोग यह भी पूछ रहे हैं कि अयोध्या से गोरखपुर कितनी दूर है।
हाईकोर्ट की फटकार ने किया रंग में भंग
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार एक तरफ झूठी तारीफ के प्रायोजित कार्यक्रम लगातार करवा रही है, तो दूसरी तरफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार ने ये कहकर रंग मे भंग कर दिया कि कार्यकाल खत्म होने के बावजूद ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का यूपी सरकार का फैसला असांविधानिक है। जनता पूछ रही है कि असांविधानिक काम करने की सज़ा क्या होती है।
कानूनी रूप से गलत माना जाएगा
उन्होंने कहा कि प्रधानों में इस बात का भी डर है कि कहीं इन बीच के दिनों के खर्चे का खामियाजा उनको अपनी जेब से न भरना पड़े। हो सकता है कल को पैसा वापसी का आदेश भी आ जाए। जब कार्यकाल गलत साबित हो गया है, तो उस समय में खर्च हुआ पैसा भी तो कानूनी रूप से गलत माना जाएगा। भाजपा ने प्रधानों को बहुत बुरा फंसा दिया है। पंचायतीराज मंत्री तो घर से ही नहीं निकल पाएंगे, गांव पहुंचना तो दूर की बात है।
