आगरा में लंबी दूरी के ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही डस्टबिन से निकलने वाली गंदगी और बदबू से राहत मिल जाएगी। झांसी के वैगन मरम्मत कारखाने ने लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों के लिए एक उच्च क्षमता वाली कचरा निपटान प्रणाली का प्रोटोटाइप तैयार किया है। इसके तहत कचरा संग्रह की क्षमता को 18 लीटर से बढ़ाकर सीधे 367.4 लीटर कर दिया गया है, जिससे पटरियों पर कचरा फैलने की समस्या पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी।

आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि वर्तमान में एलएचबी कोचों के केबिन स्तर पर केवल दो छोटे डस्टबिन होते हैं, जिनकी कुल क्षमता 15 से 20 लीटर के बीच होती है। लंबी यात्राओं के दौरान ये डिब्बे जल्दी भर जाते हैं, जिससे कचरा बाहर बिखरने लगता है। नई व्यवस्था के तहत अब फर्श पर एक गारबेज ड्रॉप बॉक्स लगाया गया है, जिसके जरिए कचरा सीधे नीचे कोच के ढांचे में बने स्टेनलेस स्टील के बड़े संग्रह टैंक में चला जाएगा।

यह पूरी आधुनिक प्रणाली गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत पर काम करेगी, जिसमें सेंट्रल कनेक्टर फर्श से कचरे को नीचे पहुंचाएगा। टैंक की 3:10 टेपर डिजाइन के कारण डिपो पर कचरा आसानी से निकाला जा सकेगा और ड्रॉप बॉक्स व कलेक्टर की दोनों तरफ से धुलाई तथा सैनिटाइजेशन भी संभव होगा। इस प्रोटोटाइप को एलएचबी कोच में लगाने के बाद निरीक्षण के लिए (रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन) आरडीएसओ को भेज दिया गया है, और वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इसे सभी एलएचबी कोचों में लागू किया जाएगा।



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