लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी  में 11 से 13 सितंबर तक ‘कॉनक्लेव ऑफ मेडिकल इमरजेंसीज़ एंड ट्रॉमा’ के दूसरे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। सोसायटी ऑफ एक्यूट केयर, ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन (SACTEM) द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन की थीम “Strengthening Systems – Saving Lives” रखी गई है। सम्मेलन के पहले दिन देशभर से आए 600 से अधिक डॉक्टरों, सर्जनों, नर्सिंग अफसरों और पैरामेडिक्स ने आठ समानांतर वर्कशॉप में भाग लिया।




इस कार्यक्रम की मुख्य उपलब्धि उत्तर भारत में पहली बार आयोजित “सरवाइव, स्टेबिलाइज़, इवैक्युएट, वाइल्डरनेस मेडिसिन इन एक्शन” वर्कशॉप रही। कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज के डॉ. निखिल पॉल के निर्देशन में आयोजित इस वर्कशॉप में कठिन और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों (जैसे जंगल, पहाड़, आपदा क्षेत्र) में मरीजों को स्थिर रखने, सर्पदंश, हाइपोथर्मिया और हीटस्ट्रोक जैसी आपात स्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, SACTEM द्वारा उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों के 100 सरकारी डॉक्टरों, नर्सों और इमरजेंसी तकनीशियनों को वेंटिलेशन, रक्तस्राव नियंत्रण और पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाया जा सके।



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