पूरा घर मंगल गीतों से गूंज रहा था। विवाह की रस्में धूमधाम से चल रही थीं। पूरे गांव में बरात निकलने की तैयारियां हो रही थीं कि तभी अचानक दूल्हे के पिता की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले गए पर उन्हें बचाया नहीं जा सका। शादी वाले घर में शहनाई की जगह क्रंदन गूंज उठा। पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। पिता का अंतिम संस्कार कर दूल्हा देर शाम कुछ लोगों के साथ बरात लेकर दुखी मन से रायबरेली रवाना हुआ और वहां विवाह की रस्मअदायगी कर बुधवार को वापस आया। गांव में बरात आने की खुशियों की जगह मातमी सन्नाटा पसरा रहा।
मामला राजधानी के निगोहां गांव का है जहां 60 वर्षीय किसान भाईलाल कश्यप के सबसे छोटे बेटे रिंकू की मंगलवार को शादी थी। शाम को बरात रायबरेली के शिवगढ़ स्थित गांव बंकागढ़ जानी थी। बरात के लिए घर में रिश्तेदार जमा थे और गांव भर में तैयारियां चल रही थीं। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार शाम हल्दी-मेहंदी की रस्म के दौरान भाईलाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों ने निगोहां कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया। मंगलवार सुबह उपचार के दौरान उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। भाईलाल की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उधर दूसरी ओर कन्या पक्ष तक जब खबर पहुंची तो वहां भी मातम छा गया।