बेटे के इलाज के लिए लखीमपुर से डेढ़ सौ किमी की दूरी तय कर लखनऊ आई मां व्यवस्था से हार गई। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक उसने दौड़ लगाई। आखिर में मरीज को निजी अस्पताल पहुंचाया गया। पर, समय से इलाज न मिलने से उसके बेटे की मौत हो गई। परिजनों ने मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही है।

लखीमपुर की कांशीराम आवास कॉलोनी निवासी मोनी गुप्ता के बेटे हिमांशु (18) को सीने में भारीपन और सांस लेने में तकलीफ थी। 23 सितंबर रात दो बजे वह उसे लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी पहुंचीं। यहां चिकित्सकों ने हृदय संबंधी गंभीर बीमारी की आशंका जताते हुए लारी कॉर्डियोलॉजी ले जाने की सलाह दी। 

ये भी पढ़ें – यूपी: चक्रवाती बारिश खत्म होते ही मौसम ने लिया यू-टर्न, पूरे प्रदेश में खिली तेज धूप; आठ डिग्री तक चढ़ेगा पारा



ये भी पढ़ें – अखिलेश यादव बोले- हम पुरानी पेंशन बहाल करेंगे और वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देंगे

मोनी अपने बेटे को लेकर लारी पहुंचीं लेकिन आरोप है कि वहां से मरीज को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। ट्रॉमा सेंटर की आईसीयू में बेड खाली न होने की बात कही गई। परिजनों के मुताबिक, काफी मिन्नतों के बाद मरीज को स्ट्रेचर पर भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन दो दिन तक इलाज शुरू नहीं हो सका। डॉक्टर मरीज को गंभीर हृदय बीमारी बताते हुए लारी कार्डियोलॉजी ले जाने की बात कहते रहे, लेकिन लारी की इमरजेंसी में दोबारा पहुंचने पर भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया।

केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि मरीज को लोहिया संस्थान में इलाज मुहैया कराया गया था। परिजनों के आरोप बेबुनियाद है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही मिले तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें