मंजर कितनी तेजी से बदल सकता है, इसकी बानगी बुधवार शाम गोमतीनगर विस्तार में देखने को मिली। जिस इकाना स्टेडियम में मंगलवार रात भारत-वेस्टइंडीज का रोमांच देखने के लिए करीब 48 हजार क्रिकेट प्रेमी जुटे थे, ठीक 24 घंटे बाद उसी इलाके की सड़कें पानी में डूब गईं।
गोमती नदी के बढ़े जलस्तर का असर रात होते-होते इतना बढ़ गया कि प्लासियो मॉल के सामने की दोनों लेन पूरी तरह जलमग्न हो गईं। मुख्य सड़क दरिया जैसी नजर आने लगी। शाम आठ बजे तक सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह सूखी सड़क से ड्यूटी पर पहुंचीं प्लासियो मॉल की महिला कर्मचारियों और आसपास के दफ्तरों में काम करने वालों के लिए घर लौटना मुश्किल हो गया। पैदल निकलने की जगह नहीं बची और सार्वजनिक परिवहन भी नदारद रहा।
पानी की तेज धार के बीच एक ऑटो भी बंद हो गया। लोगों ने धक्का देकर उसे किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला। दोपहर तक सड़क के किनारे तक सीमित पानी रात होते-होते प्लासियो चौराहे तक पहुंच गया।

उफान पर गोमती।

उफान पर गोमती। मॉल के सामने भरा पानी।

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उफान पर गोमती।

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