अलीगंज के कोचिंग सेंटर में लगी आग की एसआईटी की जांच में बिजली विभाग के एक और अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सुशील कुमार जांच के घेरे में आ गए हैं। कोचिंग सेंटर के बड़े विद्युत लोड को सुशील कुमार ने भी बढ़ाने में सबसे पहले लापरवाही बरती है। यह विद्युत लोड पिछले वर्ष 2025 में सामान्य मौसम में भी बढ़ा था, मगर सुशील ने उपभोक्ता वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला को उसे बढ़ाने के लिए नोटिस नहीं भेजी।
सुशील कुमार वर्ष 2025 में डालीगंज खंड के एक्सईएन के रूप में तैनात थे, वर्तमान में 33 केवी एक्सईएन हैं। वीरेंद्र के बिजली कनेक्शन का लोड वर्ष 2025 में 20 किलोवाट के मुकाबले सितंबर में 25.2 किवा, अक्तूबर में 24.3 किवा, नवंबर में 21.6 किवा लगातार तीन माह बढ़ा रहा।
इसकी जानकारी बिजली अफसरों को भी नहीं थी। सुनवाई में गए बिजली इंजीनियरों को एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात, एडीजी लखनऊ जोन प्रवीर कुमार ने जानकारी दी कि दो-दो बार स्वीकृत से ज्यादा लोड पर बिजली खपत का रिकॉर्ड आने पर लापरवाही बरती गई। बिजली की जो टीम एसआईटी के समक्ष पेश हुई वह अफसरों के सवाल का ठीक से जवाब नहीं दे सकी। सुनवाई के निदेशक स्तर के अफसरों को दोबारा बुलाया गया है।
7500 उपभोक्ताओं को बढ़ाया विद्युत लोड
वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला के बिजली कनेक्शन का विद्युत लोड न बढ़ाने के आरोप में निलंबित किए गए एक्सईएन गौरव कुमार ने 15 नवंबर 2025 से 15 जून 2026 तक 7500 उपभोक्ताओं का अनुमानित 10 मेगावाट विद्युत लोड बढ़ाया है।दरअसल, गौरव कुमार ने बुधवार एमडी रिया केजरीवाल को कार्यकाल के दौरान 35 हजार उपभोक्ताओं के विद्युत लोड बढ़ाने, नाम परिवर्तन, गलत बिल सही करने, सोलर संबंधी समस्या का निराकरण करने की रिपोर्ट सौंपी है।
