इटावा। सोशल मीडिया पर वायरल सदर विधायक सरिता भदौरिया के वीडियो के मामले में शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद स्थानीय स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। वहीं, दूसरी ओर विधायक ने साजिशन एआई के जरिए वीडियो तैयार करने का आरोप लगाया है।

सदर विधायक सरिता भदौरिया का एक वीडियो बुधवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में विधायक कुछ लोगों से निर्माण कार्य और क्षेत्र में विकास से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करती नजर आ रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने विधायक के व्यवहार और कथित भाषा को लेकर सवाल उठाए। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ता अंकित की तहरीर पर पुलिस ने चार सपाइयों के खिलाफ रंगदारी, मारपीट, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सपा नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। विवाद के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, लगता है भाजपा की विधायक जी अपने लखनऊ वालों की वाचन-भाषण शैली से प्रभावित होकर अपने क्षेत्र की जनता से इतनी कुसंस्कृत भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है उन्होंने जनता को एएनआई का पत्रकार समझ लिया है।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में विधायक के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि जनाक्रोश देखकर वह समझ गई हैं कि दोबारा कभी नहीं आएंगीं और भविष्य में बुलडोजर उनकी काली कमाई से बने अवैध निर्माणों की प्रतीक्षा करेगा। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव की राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर सामने आए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं कर रही है। उन्होंने निर्माण कार्य और नक्शा पास कराने के मुद्दे को लेकर भी विधायक पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने लिखा कि इतने बड़े अतिथि को बुलाकर वह उल्टा फंस गई हैं। नक्शेबाजी के चक्कर में मामला इतना हाईलाइट हो गया है कि अब भ्रष्ट से भ्रष्ट अधिकारी भी उनका नक्शा पास नहीं करेगा। अखिलेश यादव की इस टिप्पणी के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट को साझा करते हुए भाजपा विधायक पर निशाना साधना शुरू कर दिया। इधर, सदर विधायक सरिता भदौरिया ने अखिलेश यादव की टिप्पणी और वायरल वीडियो को लेकर सीधे तौर पर कहा कि वीडियो को साजिशन एडिट कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने वीडियो में एआई के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया।

सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य के नेतृत्व में शुक्रवार को नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीएम और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने के दौरान डीएम कार्यालय में प्रवेश को लेकर सपा जिला प्रवक्ता मयंक विधौलिया को पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। इसको लेकर सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद लोगों और अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। सपा के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने बताया कि अधिकारियों ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। फिलहाल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी न किए जाने की बात कही गई है।



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