कानपुर में गांवों में रोजगार देने के लिए शासन के निर्देश पर जिले की सभी 590 ग्राम पंचायतों में चलाया गया विशेष रोजगार सृजन दिवस लक्ष्य से कोसों दूर रह गया। सोमवार को विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के तहत एक दिन में 29,500 श्रमिकों को काम देने का लक्ष्य था, लेकिन रोजगार महज 3,713 को ही मिल सका। यानी लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 12.59 प्रतिशत श्रमिकों को ही काम मिला। 87.41 प्रतिशत का लक्ष्य अधूरा रह गया।
रोजगार देने के अभियान में 25,787 श्रमिक पीछे रह गए। 195 ग्राम पंचायतें तो ऐसी रहीं जहां एक भी मजदूर नहीं मिला। इससे यहां काम का आंकड़ा भी शून्य रहा। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अधिकारी और कर्मचारी जुटे रहे, लेकिन इसका असर आंकड़ों में नजर नहीं आया। अमर उजाला ने पोर्टल पर लगाई गई हाजिरी और ग्राम पंचायतों में काम पर पहुंचे मजदूरों की पड़ताल की तो हकीकत चौंकाने वाली सामने आई। जिले की 195 ग्राम पंचायतों में एक भी मजदूर काम करने नहीं पहुंचा।