हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी के बीच सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के मामले में नगर निगम के तत्कालीन अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) रविंद्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता (एई) एसएन सिंह और अवर अभियंता (जेई) पवन कुमार जांच में दोषी मिले हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने तीनों अभियंताओं और ठेकेदार फर्म के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है।
अमर उजाला ने इस सड़क के निर्माण में हुए घोटाले का 23 नवंबर 2025 के अंक में घोटाला…53 लाख में बननी थी सड़क, खर्च किए एक करोड़ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर खुलासा किया था। इसके बाद महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने पार्षदों व अधिकारियों की जांच कमेटी बनाकर प्रारंभिक जांच कराई। जांच में मामला सही मिलने पर महापौर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शासन के निर्देश पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने जांच कराई जिसमें एक्सईएन, एई और जेई और वर्क सुपरवाइजर दोषी पाए गए हैं।