उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमर उजाला ने अपने चुनावी कार्यक्रम ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत इटावा जिले की भरथना विधानसभा में लोगों से बात की। इस पहल का उद्देश्य आगामी चुनावों में मतदाताओं के प्रमुख मुद्दों को समझना था। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र की समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं को साझा किया। उन्होंने विकास, रोजगार, सुरक्षा, शिक्षा, सड़क और सफाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।

विकास, किसान और रोजगार प्रमुख चुनावी मुद्दे?

इटावा जिले की भरथना विधानसभा के ग्रामीणों ने विकास, शिक्षा और किसानों की समस्याओं को मुख्य मुद्दा बताया। कई लोगों ने वर्तमान विधायक के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। मुनीश सिंह ने आवारा पशुओं और सूअरों से किसानों की परेशानी बताई। मोहित यादव ने युवाओं के लिए रोजगार की कमी और पेपर लीक की समस्या बताई। चकन नगर तहसील के कांची गांव में 4 किलोमीटर लंबी सड़क नहीं है। बारिश में लोग सड़क पर नहीं आ पाते, जिससे मरीजों को दिक्कत होती है। सेंचुरी विभाग सड़क निर्माण में बाधा डाल रहा है। एकारावा में भी सड़क का अभाव है। सपा सांसद जितन दुारे ने छेलछुरी मुद्दे को सदन में उठाया था, जिसकी मंजूरी मिली है। वहीं, सपा समर्थकों ने पुलियों, सड़कों और हैंडपंप जैसे कार्यों का श्रेय सपा को दिया। राज सिंह ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार प्राकृतिक नियम से आएगी।

इटावा के भरथना में किसानों ने बताई मुख्य समस्याएं?

अमर उजाला की टीम ने इटावा जिले के भरथना विधानसभा क्षेत्र में किसानों से बात की। किसानों ने आगामी चुनाव के लिए अपने मुद्दों और जरूरतों पर चर्चा की। उन्होंने महंगाई, आवारा पशुओं और विकास की कमी को मुख्य समस्या बताया। पंकज सिंह ने गायों से फसल नुकसान और डीजल, पेट्रोल, गैस की बढ़ती कीमतों का जिक्र किया। उन्होंने खाद की कमी और सब्सिडी न मिलने की शिकायत की। चरण सिंह ने खाद-बीज की अनुपलब्धता और जंगली जानवरों से परेशानी बताई। वीरपाल सिंह चौहान ने यमुना नदी के कटाव से हजारों बीघा भूमि के भूमिहीन होने का मुद्दा उठाया। मुनीश सिंह ने भाजपा सरकार में आवारा पशुओं और सूअरों से किसानों की परेशानी बताई।

भरथना में युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर क्या कहा

अमर उजाला के चुनावी कार्यक्रम ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत भरथना विधानसभा क्षेत्र के युवाओं से बात की गई। युवाओं ने आगामी चुनाव में अपने विधायक को चुनने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी को प्रमुख चुनावी मुद्दे बताया। निखिल सिंह ने युवाओं के लिए बेहतर काम और अब तक हुए विकास पर सवाल उठाए। अवनीश कुमार ने शिक्षा व्यवस्था को खराब बताया। उन्होंने एजीटीए पेपर में उम्र के कारण चयन रुकने का मुद्दा उठाया। श्याम जी ने कहा कि वे अच्छा काम करने वाले को वोट देंगे। उन्होंने कॉलेज में बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिए। आदित्य कुमार ने जातीय समीकरणों के बजाय शिक्षा और चिकित्सा को महत्वपूर्ण बताया। 

भरथना में मूलभूत सुविधाओं को लेकर क्या बोले स्थानीय लोग

अमर उजाला की टीम भरथना विधानसभा क्षेत्र के बीहड़ इलाके में पहुंची। ग्रामीणों ने सड़कों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को प्रमुख मुद्दा बताया। वे आगामी चुनाव में इन्हीं मुद्दों पर विधायक चुनने की बात कह रहे हैं। गभन सिंह ने बताया कि नाली न होने से बारिश का पानी रुकता है, जिससे बीमारियां फैलती हैं। उनके गांव में बुखार से चार बच्चों की मौत हो गई। इलाज के लिए 10 से 14 किलोमीटर दूर चकर नगर या राजपुर ब्लॉक जाना पड़ता है। संगीता देवी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में बोतल चढ़ाने के पैसे लिए जाते हैं और मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता। निषाद ने कहा कि सरकारी अस्पताल में दवाएं नहीं मिलतीं और प्रधान सफाई पर ध्यान नहीं देता। पुष्पा ने भी सुविधाओं की कमी और प्रधान के उदासीन रवैये की शिकायत की। ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय अस्पताल में सुविधाएं नहीं हैं। बच्चों को इलाज के लिए इटावा, सैफई और ग्वालियर तक ले जाना पड़ता है। गांव में पांच कक्षाओं के लिए केवल दो अध्यापक हैं। एक निजी कॉलेज है, लेकिन कोई सरकारी महाविद्यालय नहीं है। गांव में सड़कें कच्ची हैं और बारिश में पानी भर जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल होता है। 



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